About the Institute

PATANJALI IAS CLASSES की स्थापना सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के संबंध में अभ्यर्थियों के समक्ष उठने वाली समस्याओं एवं जिज्ञासाओं के समाधान हेतु एक मंच के रूप में की गई है।
‘पतंजलि’ संस्थान का मुख्य उद्देश्य उपरोक्त प्रयोजन की सिद्धि हेतु कक्षाओं का आयोजन करना है और कक्षाओं के माध्यम से संबंधित विषय-वस्तु का संपूर्ण, सारगर्भित, सरल एवं वैज्ञानिक रूप से अध्यापन कराना है।
संस्थान ने सिविल सेवा परीक्षा के बदलते स्वरूप एवं प्रश्न पूछने के तरीकों के अनुरूप लगातार अपने को अनुकूल बनाया है और नये संभावित पक्षों एवं आयामों से छात्रें को परिचित कराते हुए छात्रें में नए आत्मविश्वास का संचार किया है। इस सतत् परिश्रम का ही परिणाम है कि दर्शनशास्त्र की तैयारी हेतु ‘पतंजलि’ संस्थान दर्शन के पर्याय के रूप में उभरकर सामने आया है।
संस्थान ने अपनी स्थापना के पश्चात् दर्शनशास्त्र के संबंध में मिथ्या धारणाओं एवं भ्रान्त दावों को तोड़ा है एवं इस विषय को एक विश्वसनीय, सुरक्षित एवं सर्वाधिक अंकदायी विषय के रूप में स्थापित किया है।
पिछले दस वर्षों में दर्शनशास्त्र से संबंधित अधिकांश सफल छात्र प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ‘पतंजलि’ संस्थान से संबंधित रहे हैं। संस्थान के लिए गौरव की बात है कि पिछले आठ वर्षों के हिन्दी माध्यम के सबसे युवा सफल अभ्यर्थी ‘पतंजलि’ संस्थान से ही संबंधित रहे हैं। इसके अतिरिक्त हिन्दी माध्यम के टॉपर्स एवं पी-सी-एस- परीक्षाओं के टॉपर्स भी ‘पतंजलि’ संस्थान से संबंधित रहे हैं।

उदाहरणस्वरूप:

  • प्रदीप सिंह राजपुरोहित (प्ण्थ्ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में सर्वोच्च स्थान-2004
  • बिपिन कुमार मिश्रा (उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग) सर्वोच्च स्थान-2003
  • सुकेश कुमार जैन (प्ण्च्ण्ैण्) देश का सबसे युवा सफल प्रतियोगी-2004
  • ओमप्रकाश चौधरी (प्ण्।ण्ैण्) देश के युवा सफल अभ्यर्थी, 2004, दर्शनशास्त्र के साथ प्रथम प्रयास में ही सफलता।
  • पुष्पांजलि (प्ण्च्ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में महिला वर्ग में सर्वोच्च स्थान (प्रथम प्रयास-2005)।
  • अरूण मोहन जोशी (प्ण्च्ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में सबसे युवा सफल अभ्यर्थी। (प्रथम प्रयास-2005)।
  • गोविन्द जायसवाल (प्ण्।ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में दर्शनशास्त्र के साथ सर्वोच्च स्थान (प्रथम प्रयास-2006)।
  • दीपक आनंद (प्ण्।ण्ैण्) भारत का युवा सफल अभ्यर्थी (प्रथम प्रयास-2006)।
  • अभिषेक दुबे (ैण्क्ण्डण्) डण्च्ण्च्ण्ब्ण्ैण् में द्वितीय स्थान (2007)।
  • सरोज कुमार (प्ण्।ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में देश भर में सर्वोच्च स्थान (2007)।
  • रूबल गुप्ता (प्ण्।ण्ैण्) हिन्दी माध्यम में महिला वर्ग में दर्शनशास्त्र के साथ सर्वोच्च स्थान।
  • चंचल वर्मा (त्ण्।ण्ैण्) में द्वितीय स्थान।
  • जितेन्द्र कुमार सोनी (त्ण्।ण्ैण्) में तृतीय स्थान।
  • बिहार में प्रथम दस में से चार स्थान। (2दकए 4जीए 5जीए 6जी)
  • उ त्ण्।ण्ैण् 2010 में दर्शनशास्त्र के टॉपर ैंदं ैपककपुनम के साथ-साथ कुल 50 से अधिक चयन।
  • यह परम्परा 2009 और 2010 में भी जारी रही है। इस सूची में जयप्रकाश मौर्य, कर्मवीर शर्मा, जितेन्द्र कुमार सोनी, श्वेता श्रीमाली, सुजीत कुमार, रचना पाटिल, शालिनी शर्मा, मिथिलेश मिश्रा, हरीश चन्द्र, रुचिका दिवाकर, कुनाल सिलकू, भुवन यादव, अनुपमा जोरवाल, अभिषेक जोरवाल आदि प्रमुख हैं।
  • संस्थान परीक्षाओं की तैयारी के क्रम में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान रखता है:µ
  • उ कक्षा व्याख्यान: सम्पूर्ण पाठ्यक्रम का तार्किक एवं वैज्ञानिक ढंग से अध्यापन
  • उ प्रामाणित, विश्वसनीय एवं पर्याप्त विषय सामग्री।
  • उ प्रश्नों के मानक उत्तर तैयार करने की तकनीक विकसित करना।
  • उ लेखन क्षमता में सुधार पर विशेष बल ताकि प्रस्तुती प्रभावपूर्ण हो सके।
  • उ प्रत्येक टॉपिक की समाप्ति के पश्चात् उससे संबंधित पूछे गये प्रश्नों एवं नये सम्भाव्य प्रश्नों पर चर्चा।
  • उ प्रत्येक खण्ड की समाप्ति के पश्चात् उससे संबंधित 3 घंटे का विशेष परीक्षा सत्र।
  • उ प्रश्नोत्तर जांच एवं मूल्यांकन की व्यवस्था।
  • उ पाश्चात्य-दर्शन विशेषकर समकालीन पाश्चात्य दर्शन की तैयारी हेतु विशेष अभ्यास सत्र।
  • उ समय-समय पर चयनित उम्मीदवारों से वार्ता एवं मार्गदर्शन।
  • उ आगामी परीक्षाओं के लिए संभावित प्रश्न / विषय-वस्तु।
  • उ परीक्षा से पूर्व त्मअपेपवद ब्वनतेम की व्यवस्था।
  • उ साक्षात्कार की तैयारी हेतु विशेष सत्र जिसमें विभिन्न विषयों से संबंधित कक्षाएँ एवं छद्म साक्षात्कार का आयोजन किया जाता है।
#

No responses yet

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *